रिकांग पिओ में बिना यूनिफॉर्म सेवा की मिसाल, हिमाचल पुलिस ने मामा साहब को दिया सम्मान
यह बात हर बार सही साबित होती है कि हीरो हमेशा यूनिफॉर्म में नहीं होते—कुछ लोग बिना वर्दी के भी समाज की सेवा में बड़ा योगदान देते हैं। हिमाचल प्रदेश के रिकांग पिओ बाजार में ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहाँ मामा साहब अपनी निःस्वार्थ सेवा के लिए सभी के बीच सम्मानित व्यक्तित्व बन चुके हैं।
रिकांग पिओ बाजार में रोज़ाना भारी भीड़ और ट्रैफिक रहता है। ऐसे में मामा साहब लंबे समय से बिना किसी स्वार्थ के पुलिस की मदद करते रहे हैं। चाहे भीड़ को नियंत्रित करना हो, ट्रैफिक संभालना हो, या किसी जरूरतमंद की सहायता करना—मामा साहब हर समय तत्पर रहते हैं।
उनकी इसी लगातार और निःस्वार्थ सेवा के चलते हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उन्हें सार्वजनिक रूप से सलाम किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामा साहब जैसे लोगों की वजह से समाज में सकारात्मकता बढ़ती है और पुलिस व्यवस्था को भी बड़ा सहयोग मिलता है।
मामा साहब का यह समर्पण इस बात का प्रमाण है कि समाज के लिए कुछ करने की इच्छा हो तो वर्दी की नहीं, सिर्फ एक नेक दिल की आवश्यकता होती है। उनकी सेवा भावना लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और पुलिस विभाग ने उनके योगदान को सम्मानित कर एक प्रशंसनीय संदेश दिया है।
