नशे के खिलाफ मातृशक्ति का संकल्प: बिलासपुर के लिम्हा गांव में 400 महिलाओं ने उठाई नशा मुक्त समाज की अलख
बिलासपुर जिले के ग्राम लिम्हा से नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक जागरूकता की मिसाल सामने आई है। थाना रतनपुर क्षेत्र के इस गांव में करीब चार सौ महिलाओं ने एकजुट होकर नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया। यह पहल पुलिस प्रशासन के प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय और थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने किया। अधिकारियों ने महिलाओं को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान की विस्तार से जानकारी दी और इसे जड़ से खत्म करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अपने गांव में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देंगी। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि यदि कहीं भी नशे से जुड़ी गतिविधि सामने आती है तो वे तुरंत पुलिस को सूचना देकर सहयोग करेंगी।
महिलाओं ने कहा कि नशे की लत के कारण परिवार बिखर रहे हैं और युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है। ऐसे में नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मातृशक्तियों ने आगे भी इस अभियान को मजबूती से चलाने का भरोसा जताया।

पुलिस प्रशासन ने महिलाओं की इस साहसिक और सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि उनके सहयोग से नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। पुलिस और जनता के आपसी तालमेल से गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
