व्हाट्सएप चैट और आर्थिक लेनदेन का खुलासा: डीएसपी कल्पना वर्मा निलंबित, शासन ने की सख्त कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और गंभीर अनियमितताओं के मामले को लेकर बड़ा कदम उठाया है। दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में गृह (पुलिस) विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।

शासन के आदेश के अनुसार, शिकायत की प्रारंभिक जांच में डीएसपी कल्पना वर्मा के खिलाफ कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन, दिए गए बयानों में विरोधाभास, ड्यूटी के दौरान अवैध आर्थिक लाभ लेने और अपने पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोप पाए गए हैं।
प्राथमिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। इन्हीं कारणों के चलते शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
गौरतलब है कि डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। शासन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर कराई गई जांच की लगभग 1475 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी गई थी।
जांच रिपोर्ट में दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई है, जिसमें पुलिस विभाग से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां साझा किए जाने का उल्लेख है। इसे खुफिया जानकारी के दुरुपयोग जैसे गंभीर अपराध की श्रेणी में माना गया है। इन तथ्यों के आधार पर शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है।
