ग्वालियर में पुलिस बनी सहारा! मां के निधन के बाद सदमे में डूबे भाई-बहन को पहुंचाया आश्रम
ग्वालियर में कोतवाली पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीय पहल का परिचय देते हुए मां के निधन के बाद गहरे सदमे में जी रहे मानसिक रूप से कमजोर भाई-बहन को बेहतर देखभाल के लिए आश्रम पहुंचाया। इस कदम ने यह संदेश दिया है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सहारा भी है।
जानकारी के अनुसार दोनों भाई-बहन अपनी मां के निधन के बाद गहरे मानसिक आघात में थे। परिवार की स्थिति को देखते हुए पुलिस को इसकी सूचना मिली। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए थाना प्रभारी ने टीम के साथ उनके घर पहुंचकर परिवार से चर्चा की और दोनों के लिए सुरक्षित व समुचित देखभाल की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
शुरुआत में दोनों भाई-बहन घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। ऐसे में थाना प्रभारी ने उन्हें समझाया कि आश्रम में रहने वाले लोग उनके मित्र जैसे होंगे और वहां उनकी पूरी देखभाल की जाएगी। पुलिस ने धैर्य और आत्मीयता से बातचीत कर उनका विश्वास जीता।
परिवार की सहमति और समझाइश के बाद आखिरकार दोनों भाई-बहन पुलिस टीम के साथ आश्रम जाने को तैयार हो गए। उन्हें बेहतर देखभाल और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद के उद्देश्य से सुरक्षित रूप से “पैराडाइज हाउस आश्रम” पहुंचाया गया।
पुलिस की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सहारा देना भी उसकी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
