गांवों की सुरक्षा होगी और मजबूत: कोटवारों को नई जिम्मेदारी, हर संदिग्ध गतिविधि पर रहेगी पुलिस की नजर
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने ग्राम कोटवारों के लिए नई कार्यप्रणाली और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य गांवों में बाहरी व्यक्तियों की निगरानी बढ़ाना, संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करना और पुलिस-जन सहयोग को मजबूत बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्राम कोटवार को अपने गांव में आने वाले हर नए व्यक्ति का विवरण दर्ज करने के लिए मुसाफिरी पंजी तैयार करना और उसका नियमित संधारण करना अनिवार्य होगा। इससे गांव में आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगा।
पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी गांव में कोई संदिग्ध या बाहरी व्यक्ति ठहरता है, तो उसकी सूचना बिना किसी देरी के संबंधित थाना प्रभारी को दी जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा अब प्रत्येक ग्राम कोटवार को हर माह के द्वितीय और चतुर्थ सप्ताह में कम से कम दो बार संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष उपस्थित होकर गांव की गतिविधियों, सुरक्षा स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

थाना प्रभारी भी रोस्टर के अनुसार गांवों का दौरा कर मुसाफिरी पंजी का नियमित निरीक्षण करेंगे। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत ग्राम कोटवारों को गांव में होने वाले अपराध, संदिग्ध गतिविधियां, अस्वाभाविक मृत्यु, अज्ञात शव की पहचान, शांति एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की जानकारी भी नियमित रूप से पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। पुलिस का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी।
