देशभर की पुलिस ने पेश की सेवा और साहस की मिसाल, रेस्क्यू से महिला सुरक्षा तक कई सराहनीय कार्य बने प्रेरणा
नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के दिनों में आपदा राहत, महिला सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, बच्चों की सुरक्षा और धार्मिक आयोजनों में उत्कृष्ट सेवाएं देकर अपनी जिम्मेदारी और मानवता का परिचय दिया है। इन कार्यों ने एक बार फिर साबित किया है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की हर घड़ी में आम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तत्परता से कार्य करती है।
उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी के तेज बहाव में फंसे दो कांवड़ियों को 40वीं वाहिनी पीएसी डिजास्टर रिलीफ टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। वहीं नागालैंड के किफिरे जिले में भूस्खलन के बाद पुलिस ने असम राइफल्स और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया तथा बंद मार्गों को खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिल्ली में सराय काले खां मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थितियों में एक बच्चे को ले जा रहे महिला और पुरुष को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया और बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलवाया। वहीं कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में हिरासत में लिए गए नाबालिगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की गई।
धार्मिक आयोजनों के दौरान भी पुलिस ने प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण पेश किया। रांची में सावन माह के दौरान पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और क्विक रिएक्शन टीम तैनात की गई। वहीं आंध्र प्रदेश के सिम्हाचलम में आयोजित गिरी प्रदक्षिणा उत्सव में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई।
सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान के कोटा में महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से संवाद कर सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा की। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स’ से सम्मानित किया गया।
बिहार के गया में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण कर वहां सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड प्रबंधन और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की, ताकि किशोरों के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
इन सभी उदाहरणों ने यह संदेश दिया है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा, संवेदनशीलता, आपदा प्रबंधन और सामाजिक विश्वास को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
