पुलिसकर्मियों ने खेल मैदान में भी दिखाया दमखम, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम पुलिस चैंपियन; केरल पुलिस मीट में 2,000 से ज्यादा खिलाड़ी

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आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम पुलिस बनी ओवरऑल चैंपियन

मंगलागिरी में आयोजित पहली आंध्र प्रदेश स्टेट पुलिस स्पोर्ट्स एंड गेम्स मीट-2026 का समापन 4 सितंबर को हुआ। करीब 1,900 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। विशाखापत्तनम पुलिस ने ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम करते हुए कुल 40 पदक हासिल किए।

इस उपलब्धि के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने पुलिस खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पुलिस स्पोर्ट्स अकादमी स्थापित करने की घोषणा की है। इसके लिए पुलिस विभाग ने VIT-AP के साथ खेल गतिविधियों को लेकर MoU भी किया है।

महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह

आंध्र प्रदेश के DGP हरीश कुमार गुप्ता ने खेल प्रतियोगिता में महिला पुलिसकर्मियों की बड़ी भागीदारी और उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए फिटनेस और खेलों को सेवा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

कांस्टेबल से DSP तक पुलिस खिलाड़ियों ने जीते पदक

हालिया पुलिस खेल आयोजनों में अलग-अलग रैंक के पुलिसकर्मियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इनमें DSP जी. जगदीश्वरा राव ने योग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। ASI कुदुमुला वनजा ने योग में 1 गोल्ड और 2 सिल्वर पदक जीते।

वहीं कांस्टेबल बी. माधुरी ने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड और आर्म रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यंदलापल्ली श्रीनु ने पेनकेक सिलाट में 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के अलावा ताइक्वांडो और वुशु में भी सिल्वर पदक जीते। वी. पद्मावत ने वेटलिफ्टिंग और वुशु में सिल्वर मेडल अपने नाम किए।

केरल में 47वीं पुलिस एथलेटिक एंड गेम्स मीट की शुरुआत

तिरुवनंतपुरम में 47वीं केरल पुलिस स्टेट एथलेटिक एंड गेम्स मीट-2026 की शुरुआत 8 सितंबर से हुई। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में करीब 2,000 पुलिसकर्मी, जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल हैं, हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताएं चंद्रशेखरन नायर स्टेडियम और यूनिवर्सिटी स्टेडियम में आयोजित की जा रही हैं।

इस आयोजन का संदेश ‘Yes to Sports, No to Drugs’ रखा गया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिसकर्मियों में फिटनेस, खेल भावना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

पुलिस बल में खेलों को बढ़ावा देने से न केवल जवानों की शारीरिक क्षमता मजबूत होती है, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और मानसिक मजबूती भी विकसित होती है। देशभर में पुलिस खिलाड़ियों की ये उपलब्धियां पुलिसिंग के साथ खेल प्रतिभा के बढ़ते दायरे को भी दर्शाती हैं।

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