राजनांदगांव में साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई: 6 राज्यों में 91.85 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े म्यूल अकाउंट के 2 आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव। साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ राजनांदगांव साइबर सेल और सिटी कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े दो आरोपियों जितेन्द्र पाण्डेय और हिमांशु निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

91.85 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम से जुड़े खाते
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने ऐसे बैंक खातों की पहचान की, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन और हस्तांतरण के लिए किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि आईसीआईसीआई बैंक के खातों के माध्यम से करीब 91 लाख 85 हजार रुपये की साइबर धोखाधड़ी से अर्जित राशि प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम को आगे पहुंचाने के लिए किया गया।
पहले एक आरोपी गिरफ्तार, अब दो और आरोपी जेल भेजे गए
इस मामले में सिटी कोतवाली राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 611/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 3 अक्टूबर 2026 को आरोपी धनीराम सिन्हा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने जितेन्द्र पाण्डेय, निवासी रिसाली, जिला दुर्ग और हिमांशु निर्मलकर, निवासी कुरूद, जिला धमतरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर 4 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को छिपाने, एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। कई मामलों में अपराधी कमीशन या अन्य लालच देकर किसी व्यक्ति का बैंक खाता इस्तेमाल करते हैं।
ठगी की रकम पहले ऐसे खातों में पहुंचाई जाती है और फिर उसे कई अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे रकम के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल हो सके।
बैंक खाता देने से पहले बरतें सावधानी
राजनांदगांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम इस्तेमाल करने के लिए न दें। कमीशन या बड़ी रकम के लालच में अपना खाता किराये पर देना या किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस ने नागरिकों से अपने बैंक खातों के लेनदेन की नियमित जांच करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर सेल को देने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, म्यूल खातों का इस्तेमाल गेमिंग, जुआ, फर्जी ट्रेडिंग, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट सहित विभिन्न साइबर अपराधों में किया जा सकता है।
