सूरजपुर डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला: पत्नी-बेटी की हत्या के 3 दोषियों को फांसी, चौथे को मरते दम तक उम्रकैद
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार दोषियों को सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी गई है, जबकि चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने वारदात की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।

घर में घुसकर की गई थी मां-बेटी की हत्या
यह मामला अक्टूबर 2024 का है। मृतक महिलाएं पुलिस विभाग में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग बेटी थीं। अभियोजन पक्ष के आरोपों के अनुसार, आरोपियों ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई और बाद में नाबालिग बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंक दिए गए थे। ड्यूटी से लौटे प्रधान आरक्षक को घर में खून के निशान मिले, जबकि पत्नी और बेटी वहां मौजूद नहीं थीं। अगले दिन दोनों के शव मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ।
भाई से मारपीट के विवाद से जुड़ा था मामला
मामले की पृष्ठभूमि में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू और कुछ युवकों के बीच हुआ विवाद बताया गया था। जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2024 में एक जगराता कार्यक्रम के दौरान विवाद हुआ था। इसके बाद संदीप को पुलिस थाने ले जाया गया और उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगा। इसी घटना को लेकर कुलदीप की नाराजगी सामने आई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने कुलदीप साहू के साथ आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह की भूमिका की जांच की। चारों के खिलाफ संबंधित आपराधिक धाराओं में मामला चलाया गया।
पुलिसकर्मी पर खौलता तेल डालने का भी आरोप
मामले से पहले कुलदीप साहू पर एक पुलिस आरक्षक पर खौलता हुआ तेल डालने और धमकी देने का आरोप लगा था। पुलिस के अनुसार, उसे पकड़ने की कोशिश के दौरान भी तनावपूर्ण स्थिति बनी थी। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल समेत पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाश की थी।
पुलिस की जांच के मुताबिक, इसी घटनाक्रम के बाद कुलदीप प्रधान आरक्षक के घर पहुंचा और वहां मां-बेटी की हत्या की वारदात हुई। पुलिस ने बाद में आरोपियों की तलाश शुरू की। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को झारखंड की ओर भागने के बाद बलरामपुर में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर सूरजपुर में हुआ था आक्रोश
मां-बेटी की हत्या की खबर सामने आने के बाद सूरजपुर में लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के बीच भीड़ उग्र हो गई और कुलदीप साहू के घर तथा गोदाम के बाहर खड़े वाहनों में आगजनी की घटना हुई थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
कोर्ट ने चारों को दोषी ठहराकर सुनाई सजा
मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 29 सितंबर को चारों आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें पीड़ित पक्ष के वकील सुरेश कुमार शर्मा ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए अधिकतम दंड की मांग की।
अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड और आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई। यह फैसला सूरजपुर के इस चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का अहम पड़ाव है।
