रायपुर पुलिस कॉलोनी के जर्जर सरकारी आवासों में रहने को मजबूर जवानों के परिवार, बारिश में छत से टपकता है पानी
रायपुर। शहर की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले पुलिस जवानों के परिवारों को अपने ही सरकारी आवासों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रायपुर की पुलिस कॉलोनी और पुलिस लाइन में बने कई सरकारी क्वार्टर जर्जर हालत में हैं। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और भवनों की खराब स्थिति के कारण परिवारों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।

बारिश में घर के अंदर टपकता है पानी
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कॉलोनी के कई पुराने क्वार्टरों की छतों से बारिश का पानी अंदर टपकता है। ऐसे में परिवारों को घर के सामान और बच्चों को पानी से बचाने के लिए अलग-अलग इंतजाम करने पड़ते हैं। कई भवनों में सीलन और अन्य समस्याओं के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
शहर की सुरक्षा करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर में करीब तीन हजार पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। इनमें से बड़ी संख्या में जवानों के परिवार पुलिस कॉलोनी और पुलिस लाइन में बने सरकारी आवासों में रहते हैं। जवान अपनी ड्यूटी के दौरान शहर और प्रदेश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, लेकिन उनके परिवारों के लिए उपलब्ध आवासों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
अंग्रेजों के समय के बताए जा रहे हैं कुछ क्वार्टर
पुलिस कॉलोनी में मौजूद कुछ पुराने क्वार्टरों को अंग्रेजों के समय का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव की कमी के कारण कई भवनों की हालत खराब हो चुकी है। इसके बावजूद इनमें पुलिसकर्मियों के परिवार रह रहे हैं। बारिश से बचने के लिए कुछ परिवारों को छत पर तिरपाल लगाने जैसे अस्थायी उपाय भी करने पड़ते हैं।
पुलिस लाइन के आवासों की स्थिति पर भी सवाल
समस्या केवल पुलिस कॉलोनी तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में पुलिस लाइन के पीछे बने पुलिसकर्मियों के आवासों की खराब स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। वहां रहने वाले परिवारों को भी जर्जर भवनों और मौसम संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरम्मत और नए आवासों की जरूरत
समाचार रिपोर्ट में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के हवाले से बताया गया है कि प्रभावित परिवारों को नोटिस दिया गया है और नए भवनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है। ऐसे में अब सरकारी आवासों की मरम्मत, सुरक्षा जांच और नए क्वार्टरों के निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
पुलिस जवानों के परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे बुनियादी सुविधाओं और भवनों की खराब स्थिति से जुड़ी परेशानियों से बच सकें।
