गरियाबंद में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, अर्टिगा कार से 63.900 किलो गांजा बरामद; 41.50 लाख का मशरूका जब्त
गरियाबंद। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिंद्रानवागढ़ चौकी क्षेत्र में पुलिस ने लावारिस और क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी एक अर्टिगा कार से 63 किलो 900 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। गांजे और वाहन सहित कुल 41 लाख 50 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। मामले में अज्ञात फरार चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मुरधुनी नाला के पास संदिग्ध हालत में मिली कार
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C पर बिंद्रानवागढ़ के मुरधुनी नाला के समीप भूरे रंग की अर्टिगा कार क्रमांक UP 24 BT 5466 लावारिस और क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी उप निरीक्षक गुणेश्वरी नरेटी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां कार का दरवाजा खुला मिला, जबकि चालक फरार था।

15 पैकेट में मिला 63.900 किलो गांजा
पुलिस टीम ने वाहन की तलाशी ली तो उसके भीतर दो सफेद प्लास्टिक बोरियों में भूरे रंग के सेलो टेप से लिपटे गांजे के 15 पैकेट मिले। तौल कराने पर कुल वजन 63 किलो 900 ग्राम पाया गया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के वैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए गांजा, कार और वाहन के दस्तावेज जब्त कर लिए।
ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांजे को ओडिशा से गरियाबंद के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाने की साजिश थी। हालांकि, फरार चालक और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस वाहन के पंजीयन विवरण के आधार पर उसके मालिक और फरार चालक की तलाश कर रही है।
41.50 लाख रुपये का मशरूका जब्त
कार्रवाई में पुलिस ने 63.900 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 31 लाख 50 हजार रुपये है, तथा करीब 10 लाख रुपये कीमत की अर्टिगा कार जब्त की है। कुल जब्ती का अनुमानित मूल्य 41 लाख 50 हजार रुपये बताया गया है। थाना मैनपुर में अज्ञात फरार चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
