दुर्ग रेंज पुलिस के टेक्नोलॉजी इनोवेशन को राष्ट्रीय पहचान! Trinion–Sashakt ऐप शामिल हुआ iGOT Karmayogi में
छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेंज से जुड़ी पुलिस की तकनीकी पहल को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने फोर्ट रेंज की तकनीकी नवाचारों पर आधारित “Digital Tools for Crime Prevention: Trinayan and Sashakt” नामक ऑनलाइन ट्रेनिंग को देश के प्रतिष्ठित iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर शामिल किया है। यह उपलब्धि स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में राज्य के नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

iGOT Karmayogi भारत सरकार का डिजिटल ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता-वृद्धि, कौशल विकास और आधुनिक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है। इस प्लेटफॉर्म पर विभिन्न विषयों से जुड़े ट्रेनिंग मॉड्यूल, असेसमेंट और सर्टिफिकेट उपलब्ध होते हैं, जिन्हें पूरा कर अधिकारी अपनी कार्यकुशलता बढ़ा सकते हैं।
दुर्ग रेंज पुलिस द्वारा विकसित Trinion App सभी निजी और सार्वजनिक CCTV कैमरों की लोकेशन और जियो-टैगिंग को एक क्लिक में उपलब्ध कराता है। घटनास्थल पर तुरंत फुटेज प्राप्त करने में यह ऐप बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। वहीं Sashakt App वाहन चोरी, वेरिफिकेशन और रिकवरी की प्रक्रिया को रियल-टाइम में तेज़ बनाता है। जल्द ही यह ऐप आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लोग खुद भी चोरी या लापता वाहनों की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे।

इन दोनों तकनीकी नवाचारों के पीछे पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग की दूरदर्शी सोच और आधुनिक पुलिसिंग की दृष्टि रही है। BPR&D ने इन ऐप्स को स्मार्ट पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण मॉड्यूल में शामिल किया है। यह उपलब्धि न सिर्फ दुर्ग रेंज बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गर्व का विषय है।
आईजी दुर्ग रेंज ने इस नवाचार पर पूरे पुलिस बल और तकनीकी टीम को बधाई दी है।
