देशभर की ट्रैफिक पुलिस बनी मानवता की मिसाल! कहीं मरीज के लिए बना ग्रीन कॉरिडोर तो कहीं छात्र, बुजुर्ग और मासूम की ऐसे की मदद

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नई दिल्ली। देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रैफिक पुलिस केवल यातायात व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद कर लोगों का दिल भी जीत रही है। हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने एक बार फिर पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर किया है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जुलाई 2026 के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने मूसलाधार बारिश के बीच स्वाइन फ्लू से गंभीर रूप से संक्रमित 54 वर्षीय मरीज को समय पर एयरलिफ्ट कराने के लिए चकरभाटा एयरपोर्ट तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। पुलिस की त्वरित व्यवस्था के कारण मरीज को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सका।

दुर्ग में पटेल चौक पर ड्यूटी कर रहे एक ट्रैफिक जवान ने व्यस्त सड़क पर एक बुजुर्ग महिला का हाथ पकड़कर सुरक्षित सड़क पार कराई। इस मानवीय पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने पुलिसकर्मी की संवेदनशीलता की जमकर सराहना की।

बिहार के पूर्णिया में परीक्षा के लिए देर हो रहे एक छात्र की मदद के लिए ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने तत्काल ट्रकों को रुकवाकर रास्ता साफ कराया और छात्र को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

कर्नाटक के बेंगलुरु में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या के बीच एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी स्वयं गंदे पानी में उतर गया और जाम पड़े नाले को हाथ से साफ कर पानी की निकासी सुनिश्चित की। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका और लोगों ने पुलिसकर्मी के समर्पण की सराहना की।

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में चेकिंग के दौरान एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (TSI) ने बेसहारा बच्चे की मदद करते हुए उसे नए कपड़े उपलब्ध कराए और प्रोत्साहन राशि भी दिलाई। इस संवेदनशील पहल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

इन घटनाओं ने यह साबित किया है कि देशभर की ट्रैफिक पुलिस केवल नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए लोगों की हरसंभव सहायता के लिए भी तत्पर रहती है।

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