बदायूं में 11 महीने ड्यूटी से गायब रही महिला सिपाही, वेतन मिलता रहा; SSP अंकिता शर्मा ने 19 पुलिसकर्मियों के किए तबादले
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक महिला सिपाही के करीब 11 महीने तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और इस दौरान वेतन मिलते रहने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई। महिला सिपाही आरती सिंह को निलंबित करने के साथ ही पुलिस लाइन के गणना मेजर और दो गणना मुंशियों पर भी कार्रवाई हुई। इसके बाद SSP अंकिता शर्मा ने 19 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए।
सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2021 बैच की महिला सिपाही आरती सिंह बदायूं पुलिस लाइन में तैनात थीं। आरोप है कि वह ड्यूटी करने के बजाय अपने हाथरस स्थित घर पर रह रही थीं और करीब 11 महीने तक उनकी अनुपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद SSP अंकिता शर्मा ने मामले की जांच SP ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया को सौंपी।
प्रारंभिक जांच के बाद 23 सितंबर 2026 को आरती सिंह को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस लाइन के गणना कार्यालय की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
गणना मेजर और दो मुंशियों पर भी कार्रवाई
जांच के दौरान गणना मेजर विजय तोमर और गणना मुंशी अनुज तथा राजेश की कथित लापरवाही सामने आने पर उन्हें भी निलंबित किया गया। इसके साथ ही रिजर्व इंस्पेक्टर (RI) की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए।
विभागीय जांच के तहत संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं। ड्यूटी, उपस्थिति और वेतन से जुड़े अभिलेखों की जांच के बाद रिपोर्ट SSP को सौंपी जानी है।
SSP अंकिता शर्मा ने 19 पुलिसकर्मियों के किए तबादले
मामले के बाद SSP अंकिता शर्मा ने 19 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग शाखाओं में स्थानांतरित किया। इनमें गणना कार्यालय से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस लाइन की व्यवस्था और निगरानी तंत्र की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
11 महीने तक अनुपस्थिति दर्ज क्यों नहीं हुई?
इस मामले ने पुलिस लाइन की उपस्थिति व्यवस्था, ड्यूटी निर्धारण और वेतन प्रक्रिया की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। यदि कोई पुलिसकर्मी लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहा, तो उसकी गैरहाजिरी समय रहते दर्ज क्यों नहीं हुई? उपस्थिति और वेतन से संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच कैसे की जा रही थी?
इन सवालों के जवाब विभागीय जांच रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है। जांच में यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले में अंतिम जिम्मेदारी तय होना जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
